क्या घर के लोन की प्रीपेमेंट करना सबसे अच्छा विकल्प है? आइए जानें

घर के लोन की प्रीपेमेंट एक महत्वपूर्ण विषय है। ज्यादातर लोग जल्दी से जल्दी कर्ज़ मुक्त होना चाहते हैं, इसलिए वे प्रीपेमेंट करने की सोचते हैं। लेकिन कुछ लोग मानते हैं कि पुराने टैक्स सिस्टम के तहत मिलने वाले टैक्स बेनिफिट्स की वजह से लोन की प्रीपेमेंट नहीं करनी चाहिए। अगर आप इसी सोच के हैं तो यह लेख आपके लिए नहीं है। लेकिन अगर आपके पास बड़ा होम लोन है और आप इससे परेशान हैं, तो प्रीपेमेंट का विचार आपके मन में जरूर आया होगा।

प्रीपेमेंट का असर

अलग-अलग समय पर प्रीपेमेंट करने से आपके लोन पर अलग असर पड़ता है। आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने ₹50 लाख का होम लोन 25 साल के लिए 8.5% ब्याज दर पर लिया है। आपकी मासिक EMI ₹40,261 होगी और 25 साल में आप ₹50 लाख के मूलधन के साथ-साथ ₹70-71 लाख का ब्याज भी चुकाएंगे।

EMI का ढांचा

EMI दो हिस्सों में बंटी होती है – मूलधन और ब्याज। लोन की अवधि के शुरूआती सालों में EMI का ज्यादातर हिस्सा ब्याज चुकाने में जाता है और बहुत कम हिस्सा मूलधन में। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, मूलधन का हिस्सा बढ़ता जाता है और ब्याज का हिस्सा घटता जाता है। इसलिए जितना जल्दी प्रीपेमेंट करेंगे, उतना बेहतर होगा।

उदाहरण से समझें

बिना प्रीपेमेंट के

  • ब्याज भुगतान: ₹70-71 लाख
  • लोन की अवधि: 25 साल

दूसरे साल की शुरुआत में ₹5 लाख की प्रीपेमेंट

  • ब्याज भुगतान: ₹46-47 लाख (बचत: ₹24-25 लाख)
  • लोन की अवधि: 19 साल (6 साल की कमी)

पांचवे साल की शुरुआत में ₹5 लाख की प्रीपेमेंट

  • ब्याज भुगतान: ₹52-53 लाख (बचत: ₹18-19 लाख)
  • लोन की अवधि: 21 साल (4 साल की कमी)

दसवें साल की शुरुआत में ₹5 लाख की प्रीपेमेंट

  • ब्याज भुगतान: ₹59-60 लाख (बचत: ₹11-12 लाख)
  • लोन की अवधि: 22 साल (3 साल की कमी)

बीसवें साल की शुरुआत में ₹5 लाख की प्रीपेमेंट

  • ब्याज भुगतान: ₹68 लाख (बचत: ₹3 लाख)
  • लोन की अवधि: 24 साल (1 साल की कमी)

छोटे-छोटे प्रीपेमेंट का फायदा

अगर आप एक बार में बड़ा अमाउंट प्रीपे नहीं कर सकते, तो छोटे-छोटे प्रीपेमेंट करें। मान लीजिए आप हर महीने ₹5000 अतिरिक्त EMI के रूप में देते हैं:

  • ब्याज भुगतान: ₹47-48 लाख
  • लोन की अवधि: 19 साल

फैसला कैसे करें?

  1. ब्याज बचत: जितना जल्दी प्रीपेमेंट करेंगे, उतना ज्यादा ब्याज बचत होगी।
  2. टैक्स लाभ: अगर आप पुराने टैक्स सिस्टम का लाभ ले रहे हैं, तो प्रीपेमेंट से पहले सोचें।
  3. वित्तीय स्थिति: प्रीपेमेंट करने से पहले इमरजेंसी फंड रखें और अन्य वित्तीय लक्ष्यों पर ध्यान दें।
  4. ब्याज दर: अगर ब्याज दरें बढ़ रही हैं, तो प्रीपेमेंट करें। अगर गिर रही हैं, तो प्रतीक्षा करें।

इस प्रकार, होम लोन की प्रीपेमेंट का निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करें।

होम लोन की expert advice लेने के लिए संपर्क करें: 8640003700

 

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